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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2025-12-04

पुरी पंचांग — 4 दिसम्बर 2025

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 08:38 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 3तक 02:54 PMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशिवतक 12:34 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 08:38 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:07 AM
सूर्यास्त05:07 PM
चन्द्रोदय04:26 PM
चन्द्रास्त05:05 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:15 AM – 11:59 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:31 AM – 05:19 AM
अमृत काल12:56 PM – 02:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:59 PM – 02:22 PM
गुलिक काल08:52 AM – 10:14 AM
यमगण्ड06:07 AM – 07:29 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:43 PM – 01:27 PM
दुर्मुहूर्त03:39 PM – 04:23 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:07 AM – 07:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:29 AM – 08:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:52 AM – 10:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:14 AM – 11:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:37 AM – 12:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:59 PM – 02:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:22 PM – 03:44 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:44 PM – 05:07 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:07 PM – 06:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:44 PM – 08:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:22 PM – 09:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:59 PM – 11:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:37 PM – 01:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:14 AM – 02:52 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:52 AM – 04:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:29 AM – 06:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle