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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2025-12-10

पुरी पंचांग — 10 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र · बुधवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 01:47 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 02:44 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 12:46 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणवणिजतक 01:47 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:10 AM
सूर्यास्त05:09 PM
चन्द्रोदय10:47 PM
चन्द्रास्त10:51 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM – 05:22 AM
अमृत काल12:27 AM – 02:05 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:39 AM – 01:01 PM
गुलिक काल10:17 AM – 11:39 AM
यमगण्ड07:32 AM – 08:54 AM
वर्ज्यम्02:41 PM – 04:19 PM
अभिजित मुहूर्त11:17 AM – 12:01 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:05 AM – 09:49 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:10 AM – 07:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:32 AM – 08:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:54 AM – 10:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:17 AM – 11:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:39 AM – 01:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:01 PM – 02:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:24 PM – 03:46 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:46 PM – 05:09 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग05:09 PM – 06:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:46 PM – 08:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:24 PM – 10:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:01 PM – 11:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:39 PM – 01:17 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:17 AM – 02:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:54 AM – 04:32 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:32 AM – 06:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle