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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-01-13

पुरी पंचांग — 13 जनवरी 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 03:18 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 12:06 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशूलतक 07:04 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 03:18 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त05:27 PM
चन्द्रोदय01:44 AM
चन्द्रास्त12:49 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM – 05:36 AM
अमृत काल02:36 PM – 04:24 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:41 PM – 04:04 PM
गुलिक काल11:55 AM – 01:18 PM
यमगण्ड09:09 AM – 10:32 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:49 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त01:46 PM – 02:30 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:24 AM – 07:46 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:46 AM – 09:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:09 AM – 10:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:32 AM – 11:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:55 AM – 01:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:18 PM – 02:41 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:41 PM – 04:04 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:04 PM – 05:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:27 PM – 07:04 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:04 PM – 08:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:41 PM – 10:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:18 PM – 11:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:55 PM – 01:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:32 AM – 03:09 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:09 AM – 04:46 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:46 AM – 06:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle