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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-04-05

पुरी पंचांग — 5 अप्रैल 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · रविवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 12:00 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 12:08 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगवज्रतक 02:43 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:00 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:37 AM
सूर्यास्त06:02 PM
चन्द्रोदय09:02 PM
चन्द्रास्त07:16 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:01 AM – 04:49 AM
अमृत काल01:59 PM – 03:46 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:28 PM – 06:02 PM
गुलिक काल02:55 PM – 04:28 PM
यमगण्ड11:49 AM – 01:22 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:22 PM – 05:12 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:37 AM – 07:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:10 AM – 08:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:43 AM – 10:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:16 AM – 11:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:49 AM – 01:22 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:22 PM – 02:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:55 PM – 04:28 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:28 PM – 06:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:02 PM – 07:28 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:28 PM – 08:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:55 PM – 10:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:22 PM – 11:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:49 PM – 01:16 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:16 AM – 02:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:43 AM – 04:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:10 AM – 05:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle