VedicSpace › पंचांग › पुरी › 2026-05-02
कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, विशाखा नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष प्रतिपदा | तक 12:50 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 1 | तक 07:10 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | व्यतीपात | तक 09:44 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 11:49 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:17 AM |
| सूर्यास्त | 06:10 PM |
| चन्द्रोदय | 06:54 PM |
| चन्द्रास्त | 05:14 AM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | मेष |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · वसन्त |
| अभिजित मुहूर्त | 11:17 AM – 12:09 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:41 AM – 04:29 AM |
| अमृत काल | 08:42 PM – 10:28 PM |
| राहु काल | 08:30 AM – 10:06 AM |
| गुलिक काल | 05:17 AM – 06:53 AM |
| यमगण्ड | 01:20 PM – 02:56 PM |
| वर्ज्यम् | 10:04 AM – 11:50 AM |
| दुर्मुहूर्त | 08:43 AM – 09:34 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:52 PM – 02:43 PM |
| काल | 05:17 AM – 06:53 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:53 AM – 08:30 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:30 AM – 10:06 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:06 AM – 11:43 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:43 AM – 01:20 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:20 PM – 02:56 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:56 PM – 04:33 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:33 PM – 06:10 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 06:10 PM – 07:33 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:33 PM – 08:56 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:56 PM – 10:20 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:20 PM – 11:43 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:43 PM – 01:06 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:06 AM – 02:30 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:30 AM – 03:53 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:53 AM – 05:17 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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