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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-06-20

पुरी पंचांग — 20 जून 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 03:47 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 4तक 09:25 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 12:48 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 03:47 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:08 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय10:24 AM
चन्द्रास्त10:57 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:21 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:32 AM – 04:20 AM
अमृत काल06:12 AM – 07:46 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:28 AM – 10:08 AM
गुलिक काल05:08 AM – 06:48 AM
यमगण्ड01:28 PM – 03:08 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:41 AM – 09:34 AM
दुर्मुहूर्त02:01 PM – 02:54 PM

दिन चौघड़िया

काल05:08 AM – 06:48 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:48 AM – 08:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:28 AM – 10:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:08 AM – 11:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:48 AM – 01:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:28 PM – 03:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:08 PM – 04:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:48 PM – 06:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:28 PM – 07:48 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:48 PM – 09:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:08 PM – 10:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:28 PM – 11:48 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:48 PM – 01:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:08 AM – 02:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:28 AM – 03:48 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:48 AM – 05:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle