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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-07-19

पुरी पंचांग — 19 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · रविवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:17 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 03:30 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 2तक 06:12 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगपरिघतक 07:23 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 03:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:17 AM
सूर्यास्त06:28 PM
चन्द्रोदय10:01 AM
चन्द्रास्त10:03 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:18 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:41 AM – 04:29 AM
अमृत काल10:10 AM – 11:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:49 PM – 06:28 PM
गुलिक काल03:10 PM – 04:49 PM
यमगण्ड11:52 AM – 01:31 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:42 PM – 05:35 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:17 AM – 06:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:55 AM – 08:34 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:34 AM – 10:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:13 AM – 11:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:52 AM – 01:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:31 PM – 03:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:10 PM – 04:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:49 PM – 06:28 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:28 PM – 07:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:49 PM – 09:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:10 PM – 10:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:31 PM – 11:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:52 PM – 01:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:13 AM – 02:34 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:34 AM – 03:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:55 AM – 05:17 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle