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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-08-23

पुरी पंचांग — 23 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, मूल नक्षत्र · रविवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 04:19 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 05:44 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगविष्कुम्भतक 06:14 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 03:11 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:29 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय02:55 PM
चन्द्रास्त12:50 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:53 AM – 04:41 AM
अमृत काल10:03 AM – 11:51 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:34 PM – 06:10 PM
गुलिक काल02:59 PM – 04:34 PM
यमगण्ड11:49 AM – 01:24 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:28 PM – 05:19 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:29 AM – 07:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:04 AM – 08:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:39 AM – 10:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:14 AM – 11:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:49 AM – 01:24 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:24 PM – 02:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:59 PM – 04:34 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:34 PM – 06:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:10 PM – 07:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:34 PM – 08:59 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:59 PM – 10:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:24 PM – 11:49 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:49 PM – 01:14 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:14 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 04:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:04 AM – 05:29 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle