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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-09-15

पुरी पंचांग — 15 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, स्वाती नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 07:44 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 03:21 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगइन्द्रतक 12:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:44 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त05:50 PM
चन्द्रोदय09:12 AM
चन्द्रास्त08:22 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:17 AM – 12:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल05:31 AM – 07:13 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:46 PM – 04:18 PM
गुलिक काल11:42 AM – 01:14 PM
यमगण्ड08:38 AM – 10:10 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:28 AM – 11:17 AM
दुर्मुहूर्त01:44 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:34 AM – 07:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:06 AM – 08:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:38 AM – 10:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:10 AM – 11:42 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:42 AM – 01:14 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:14 PM – 02:46 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:46 PM – 04:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:18 PM – 05:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:50 PM – 07:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:18 PM – 08:46 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:46 PM – 10:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:14 PM – 11:42 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:42 PM – 01:10 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:10 AM – 02:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:38 AM – 04:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:06 AM – 05:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle