VedicSpace › पंचांग › पुरी › 2026-10-01
कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · गुरुवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष पञ्चमी | तक 12:35 PM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | गुरुवार | — | सर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 4 | तक 06:02 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | सिद्धि | तक 09:18 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 12:35 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:37 AM |
| सूर्यास्त | 05:35 PM |
| चन्द्रोदय | 09:11 PM |
| चन्द्रास्त | 09:58 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:12 AM – 11:59 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:01 AM – 04:49 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 01:05 PM – 02:35 PM |
| गुलिक काल | 08:36 AM – 10:06 AM |
| यमगण्ड | 05:37 AM – 07:06 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 12:47 PM – 01:35 PM |
| दुर्मुहूर्त | 03:59 PM – 04:47 PM |
| शुभ | 05:37 AM – 07:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 07:06 AM – 08:36 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:36 AM – 10:06 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 10:06 AM – 11:36 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:36 AM – 01:05 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 01:05 PM – 02:35 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:35 PM – 04:05 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 04:05 PM – 05:35 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| अमृत | 05:35 PM – 07:05 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 07:05 PM – 08:35 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:35 PM – 10:05 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:05 PM – 11:36 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:36 PM – 01:06 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:06 AM – 02:36 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:36 AM – 04:06 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:06 AM – 05:37 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
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