VedicSpace › पंचांग › पुरी › 2026-11-21
शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)
दिन शुद्धि: आंशिक (1/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष एकादशी | तक 06:31 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 4 | तक 06:50 AM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | सिद्धि | तक 02:30 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 06:31 AM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 05:58 AM |
| सूर्यास्त | 05:06 PM |
| चन्द्रोदय | 02:26 PM |
| चन्द्रास्त | 02:17 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:09 AM – 11:54 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:22 AM – 05:10 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 08:45 AM – 10:08 AM |
| गुलिक काल | 05:58 AM – 07:21 AM |
| यमगण्ड | 12:55 PM – 02:19 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 08:56 AM – 09:40 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:23 PM – 02:07 PM |
| काल | 05:58 AM – 07:21 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 07:21 AM – 08:45 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:45 AM – 10:08 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 10:08 AM – 11:32 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:32 AM – 12:55 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 12:55 PM – 02:19 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:19 PM – 03:42 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 03:42 PM – 05:06 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:06 PM – 06:42 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 06:42 PM – 08:19 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:19 PM – 09:55 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:55 PM – 11:32 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:32 PM – 01:08 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:08 AM – 02:45 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:45 AM – 04:21 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 04:21 AM – 05:58 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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