VedicSpace › पंचांग › पुरी › 2026-12-01
कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, मघा नक्षत्र · मङ्गलवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष अष्टमी | तक 11:14 PM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | मङ्गलवार | — | पराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मघा · पाद 4 | तक 09:00 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | वैधृति | तक 12:15 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 11:38 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:05 AM |
| सूर्यास्त | 05:07 PM |
| चन्द्रोदय | 12:08 AM |
| चन्द्रास्त | 11:53 AM |
| चन्द्र राशि | सिंह |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 11:13 AM – 11:58 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:29 AM – 05:17 AM |
| अमृत काल | 06:44 AM – 08:18 AM |
| राहु काल | 02:21 PM – 03:44 PM |
| गुलिक काल | 11:36 AM – 12:58 PM |
| यमगण्ड | 08:50 AM – 10:13 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:29 AM – 11:13 AM |
| दुर्मुहूर्त | 01:26 PM – 02:10 PM |
| रोग | 06:05 AM – 07:27 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 07:27 AM – 08:50 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:50 AM – 10:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 10:13 AM – 11:36 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:36 AM – 12:58 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:58 PM – 02:21 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:21 PM – 03:44 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:44 PM – 05:07 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| काल | 05:07 PM – 06:44 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 06:44 PM – 08:21 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 08:21 PM – 09:58 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 09:58 PM – 11:36 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 11:36 PM – 01:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 01:13 AM – 02:50 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 02:50 AM – 04:27 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:27 AM – 06:05 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
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