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VedicSpaceपंचांगपुरी › 2026-12-11

पुरी पंचांग — 11 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · ओडिशा (19.8135°, 85.8312°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना पुरी (19.8135°, 85.8312°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 11:23 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 1तक 03:04 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 10:18 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 11:23 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:11 AM
सूर्यास्त05:09 PM
चन्द्रोदय08:04 AM
चन्द्रास्त06:57 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:18 AM – 12:01 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:35 AM – 05:23 AM
अमृत काल09:50 PM – 11:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:17 AM – 11:40 AM
गुलिक काल07:33 AM – 08:55 AM
यमगण्ड02:24 PM – 03:46 PM
वर्ज्यम्10:59 AM – 12:47 PM
दुर्मुहूर्त10:34 AM – 11:18 AM
दुर्मुहूर्त01:29 PM – 02:13 PM

दिन चौघड़िया

चर06:11 AM – 07:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:33 AM – 08:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 AM – 10:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:17 AM – 11:40 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:40 AM – 01:02 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:02 PM – 02:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:24 PM – 03:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:46 PM – 05:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:09 PM – 06:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:46 PM – 08:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:24 PM – 10:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:02 PM – 11:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:40 PM – 01:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:17 AM – 02:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:55 AM – 04:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:33 AM – 06:11 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle