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VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2026-04-16

रायपुर पंचांग — 16 अप्रैल 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · गुरुवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 08:11 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 01:59 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगइन्द्रतक 10:37 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 09:26 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त06:23 PM
चन्द्रोदय04:40 AM
चन्द्रास्त05:15 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:38 AM – 12:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल09:14 AM – 10:43 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:38 PM – 03:13 PM
गुलिक काल08:53 AM – 10:28 AM
यमगण्ड05:44 AM – 07:18 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:19 PM – 02:10 PM
दुर्मुहूर्त04:41 PM – 05:32 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:44 AM – 07:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:18 AM – 08:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:53 AM – 10:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:28 AM – 12:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:03 PM – 01:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:38 PM – 03:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:13 PM – 04:48 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:48 PM – 06:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:23 PM – 07:48 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:48 PM – 09:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:13 PM – 10:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:38 PM – 12:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:03 AM – 01:28 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:28 AM – 02:53 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:53 AM – 04:18 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:18 AM – 05:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle