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VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2026-08-26

रायपुर पंचांग — 26 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, श्रवण नक्षत्र · बुधवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 07:59 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रश्रवण · पाद 2तक 12:48 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसौभाग्यतक 07:59 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 07:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:45 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय05:24 PM
चन्द्रास्त03:48 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:09 AM – 04:57 AM
अमृत काल01:20 PM – 03:03 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:05 PM – 01:40 PM
गुलिक काल10:30 AM – 12:05 PM
यमगण्ड07:20 AM – 08:55 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:30 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:07 AM – 09:58 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:45 AM – 07:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:20 AM – 08:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:55 AM – 10:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:30 AM – 12:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:05 PM – 01:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:40 PM – 03:15 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:15 PM – 04:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:50 PM – 06:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:25 PM – 07:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:50 PM – 09:15 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:15 PM – 10:40 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:40 PM – 12:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:05 AM – 01:30 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:30 AM – 02:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:55 AM – 04:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:20 AM – 05:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle