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VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2026-09-18

रायपुर पंचांग — 18 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · शुक्रवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 01:01 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 2तक 10:44 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 01:34 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 01:01 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:51 AM
सूर्यास्त06:04 PM
चन्द्रोदय12:17 PM
चन्द्रास्त10:55 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:21 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:15 AM – 05:03 AM
अमृत काल12:44 PM – 02:31 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:25 AM – 11:57 AM
गुलिक काल07:22 AM – 08:54 AM
यमगण्ड03:00 PM – 04:32 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:44 AM – 11:33 AM
दुर्मुहूर्त01:59 PM – 02:48 PM

दिन चौघड़िया

चर05:51 AM – 07:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:22 AM – 08:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:54 AM – 10:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:25 AM – 11:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:57 AM – 01:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:29 PM – 03:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:00 PM – 04:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:32 PM – 06:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:04 PM – 07:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:32 PM – 09:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:00 PM – 10:29 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:29 PM – 11:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:57 PM – 01:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:25 AM – 02:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:54 AM – 04:22 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:22 AM – 05:51 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle