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VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2026-10-13

रायपुर पंचांग — 13 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, विशाखा नक्षत्र · मङ्गलवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 11:28 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रविशाखा · पाद 1तक 01:43 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगप्रीतितक 08:23 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:47 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:58 AM
सूर्यास्त05:41 PM
चन्द्रोदय08:16 AM
चन्द्रास्त07:13 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:26 AM – 12:12 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:22 AM – 05:10 AM
अमृत काल04:11 PM – 05:54 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:45 PM – 04:13 PM
गुलिक काल11:49 AM – 01:17 PM
यमगण्ड08:53 AM – 10:21 AM
वर्ज्यम्05:49 AM – 07:33 AM
दुर्मुहूर्त10:39 AM – 11:26 AM
दुर्मुहूर्त01:46 PM – 02:33 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:58 AM – 07:25 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:25 AM – 08:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:53 AM – 10:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:21 AM – 11:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:49 AM – 01:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:17 PM – 02:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:45 PM – 04:13 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:13 PM – 05:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल05:41 PM – 07:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:13 PM – 08:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:45 PM – 10:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:17 PM – 11:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:49 PM – 01:21 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:21 AM – 02:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:53 AM – 04:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:25 AM – 05:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle