VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2027-05-08

रायपुर पंचांग — 8 मई 2027

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शनिवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 11:43 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 2तक 09:53 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 02:37 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 11:43 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:29 AM
सूर्यास्त06:31 PM
चन्द्रोदय06:45 AM
चन्द्रास्त08:40 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:33 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:53 AM – 04:41 AM
अमृत काल06:24 PM – 07:53 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:44 AM – 10:22 AM
गुलिक काल05:29 AM – 07:06 AM
यमगण्ड01:37 PM – 03:15 PM
वर्ज्यम्01:59 PM – 03:27 PM
दुर्मुहूर्त08:57 AM – 09:49 AM
दुर्मुहूर्त02:10 PM – 03:02 PM

दिन चौघड़िया

काल05:29 AM – 07:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:06 AM – 08:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:44 AM – 10:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:22 AM – 12:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:00 PM – 01:37 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:37 PM – 03:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:15 PM – 04:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:53 PM – 06:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:31 PM – 07:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:53 PM – 09:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:15 PM – 10:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:37 PM – 12:00 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:00 AM – 01:22 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:22 AM – 02:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:44 AM – 04:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:06 AM – 05:29 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle