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VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2027-06-28

रायपुर पंचांग — 28 जून 2027

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, रेवती नक्षत्र · सोमवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 10:49 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्ररेवती · पाद 2तक 09:48 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशोभनतक 11:45 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:53 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:24 AM
सूर्यास्त06:49 PM
चन्द्रोदय12:10 AM
चन्द्रास्त12:58 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:48 AM – 04:36 AM
अमृत काल06:44 PM – 08:23 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:04 AM – 08:45 AM
गुलिक काल01:47 PM – 03:27 PM
यमगण्ड10:25 AM – 12:06 PM
वर्ज्यम्08:52 AM – 10:30 AM
अभिजित मुहूर्त11:39 AM – 12:33 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त03:14 PM – 04:08 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:24 AM – 07:04 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:04 AM – 08:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:45 AM – 10:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:25 AM – 12:06 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:06 PM – 01:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:47 PM – 03:27 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:27 PM – 05:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:08 PM – 06:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर06:49 PM – 08:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:08 PM – 09:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:27 PM – 10:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:47 PM – 12:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:06 AM – 01:25 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:25 AM – 02:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:45 AM – 04:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:04 AM – 05:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle