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VedicSpaceपंचांगरायपुर › 2027-08-11

रायपुर पंचांग — 11 अगस्त 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · बुधवार · छत्तीसगढ़ (21.2514°, 81.6296°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रायपुर (21.2514°, 81.6296°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 12:59 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 4तक 09:14 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगइन्द्रतक 08:05 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 12:09 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:40 AM
सूर्यास्त06:37 PM
चन्द्रोदय02:21 PM
चन्द्रास्त12:13 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:04 AM – 04:52 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:08 PM – 01:45 PM
गुलिक काल10:31 AM – 12:08 PM
यमगण्ड07:17 AM – 08:54 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:42 AM – 12:34 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:07 AM – 09:59 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:40 AM – 07:17 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:17 AM – 08:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:54 AM – 10:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 AM – 12:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:08 PM – 01:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:45 PM – 03:22 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:22 PM – 04:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:59 PM – 06:37 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:37 PM – 07:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:59 PM – 09:22 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:22 PM – 10:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:45 PM – 12:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:08 AM – 01:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:31 AM – 02:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:54 AM – 04:17 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:17 AM – 05:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle