VedicSpace › पंचांग › राजकोट › 2025-10-06
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्दशी | तक 12:24 PM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | पूर्वाभाद्रपद · पाद 4 | तक 06:16 AM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | वृद्धि | तक 01:13 PM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 12:24 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:40 AM |
| सूर्यास्त | 06:30 PM |
| चन्द्रोदय | 05:59 PM |
| चन्द्रास्त | 05:30 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:04 AM – 05:52 AM |
| अमृत काल | — |
| राहु काल | 08:08 AM – 09:37 AM |
| गुलिक काल | 02:03 PM – 03:32 PM |
| यमगण्ड | 11:06 AM – 12:35 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:11 PM – 12:58 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:20 PM – 04:08 PM |
| अमृत | 06:40 AM – 08:08 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:08 AM – 09:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:37 AM – 11:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:06 AM – 12:35 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:35 PM – 02:03 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:03 PM – 03:32 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:32 PM – 05:01 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:01 PM – 06:30 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:30 PM – 08:01 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:01 PM – 09:32 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:32 PM – 11:03 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:03 PM – 12:35 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:35 AM – 02:06 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:06 AM – 03:37 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:37 AM – 05:08 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:08 AM – 06:40 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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