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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2025-12-05

राजकोट पंचांग — 5 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, रोहिणी नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 12:56 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्ररोहिणी · पाद 3तक 11:46 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगसिद्धतक 08:08 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 02:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:12 AM
सूर्यास्त06:03 PM
चन्द्रोदय06:26 PM
चन्द्रास्त07:26 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:15 PM – 12:59 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल10:11 AM – 11:34 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:16 AM – 12:37 PM
गुलिक काल08:33 AM – 09:54 AM
यमगण्ड03:20 PM – 04:41 PM
वर्ज्यम्06:00 AM – 07:24 AM
दुर्मुहूर्त11:32 AM – 12:15 PM
दुर्मुहूर्त02:26 PM – 03:09 PM

दिन चौघड़िया

चर07:12 AM – 08:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:33 AM – 09:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:54 AM – 11:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:16 AM – 12:37 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:37 PM – 01:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:58 PM – 03:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:20 PM – 04:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:41 PM – 06:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:03 PM – 07:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:41 PM – 09:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:20 PM – 10:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:58 PM – 12:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:37 AM – 02:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:16 AM – 03:54 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:54 AM – 05:33 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:33 AM – 07:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle