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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2026-01-30

राजकोट पंचांग — 30 जनवरी 2026

शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:26 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशीतक 11:09 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 03:27 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 04:58 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 11:09 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:26 AM
सूर्यास्त06:34 PM
चन्द्रोदय03:56 PM
चन्द्रास्त04:58 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:37 PM – 01:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:50 AM – 06:38 AM
अमृत काल07:44 PM – 09:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:36 AM – 01:00 PM
गुलिक काल08:49 AM – 10:13 AM
यमगण्ड03:47 PM – 05:10 PM
वर्ज्यम्10:57 AM – 12:25 PM
दुर्मुहूर्त11:53 AM – 12:37 PM
दुर्मुहूर्त02:51 PM – 03:35 PM

दिन चौघड़िया

चर07:26 AM – 08:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:49 AM – 10:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:13 AM – 11:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:36 AM – 01:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:00 PM – 02:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:23 PM – 03:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:47 PM – 05:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:10 PM – 06:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:34 PM – 08:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:10 PM – 09:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:47 PM – 11:23 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:23 PM – 01:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:00 AM – 02:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:36 AM – 04:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:13 AM – 05:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:49 AM – 07:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle