VedicSpace › पंचांग › राजकोट › 2026-02-23
शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कुम्भ (माघ)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष षष्ठी | तक 09:09 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | भरणी · पाद 3 | तक 04:33 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | ब्रह्म | तक 10:18 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | तैतिल | तक 09:09 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:13 AM |
| सूर्यास्त | 06:48 PM |
| चन्द्रोदय | 10:56 AM |
| चन्द्रास्त | 12:38 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | कुम्भ |
| अयन · ऋतु | उत्तरायण · शिशिर |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:37 AM – 06:25 AM |
| अमृत काल | 01:15 PM – 02:45 PM |
| राहु काल | 08:39 AM – 10:06 AM |
| गुलिक काल | 02:27 PM – 03:54 PM |
| यमगण्ड | 11:33 AM – 01:00 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:37 PM – 01:23 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:42 PM – 04:29 PM |
| अमृत | 07:13 AM – 08:39 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:39 AM – 10:06 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:06 AM – 11:33 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:33 AM – 01:00 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 01:00 PM – 02:27 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:27 PM – 03:54 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:54 PM – 05:21 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:21 PM – 06:48 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:48 PM – 08:21 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:21 PM – 09:54 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:54 PM – 11:27 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:27 PM – 01:00 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:00 AM – 02:33 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:33 AM – 04:06 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:06 AM – 05:39 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:39 AM – 07:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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