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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2026-07-30

राजकोट पंचांग — 30 जुलाई 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, श्रवण नक्षत्र · गुरुवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 09:30 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रश्रवण · पाद 3तक 05:43 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगआयुष्मान्तक 12:05 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 08:51 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:18 AM
सूर्यास्त07:29 PM
चन्द्रोदय08:12 PM
चन्द्रास्त06:39 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:19 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:42 AM – 05:30 AM
अमृत काल06:45 AM – 08:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:32 PM – 04:11 PM
गुलिक काल09:35 AM – 11:14 AM
यमगण्ड06:18 AM – 07:56 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:12 PM – 03:05 PM
दुर्मुहूर्त05:43 PM – 06:36 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:18 AM – 07:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:56 AM – 09:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:35 AM – 11:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:14 AM – 12:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:53 PM – 02:32 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:32 PM – 04:11 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:11 PM – 05:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:50 PM – 07:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:29 PM – 08:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:50 PM – 10:11 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:11 PM – 11:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:32 PM – 12:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:53 AM – 02:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:14 AM – 03:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:35 AM – 04:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:56 AM – 06:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle