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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2026-08-15

राजकोट पंचांग — 15 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 05:29 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 1तक 03:25 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशिवतक 07:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:03 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त07:19 PM
चन्द्रोदय08:50 AM
चन्द्रास्त09:00 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:17 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM – 05:36 AM
अमृत काल08:42 PM – 10:17 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:37 AM – 11:14 AM
गुलिक काल06:24 AM – 08:00 AM
यमगण्ड02:28 PM – 04:05 PM
वर्ज्यम्11:12 AM – 12:47 PM
दुर्मुहूर्त09:50 AM – 10:42 AM
दुर्मुहूर्त03:00 PM – 03:52 PM

दिन चौघड़िया

काल06:24 AM – 08:00 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:00 AM – 09:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:37 AM – 11:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:14 AM – 12:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:51 PM – 02:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:28 PM – 04:05 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:05 PM – 05:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:42 PM – 07:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:19 PM – 08:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:42 PM – 10:05 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 PM – 11:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:28 PM – 12:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:51 AM – 02:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:14 AM – 03:37 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:37 AM – 05:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:00 AM – 06:24 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle