VedicSpace › पंचांग › राजकोट › 2026-09-16
शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · बुधवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष पञ्चमी | तक 08:59 AM | पूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 3 | तक 05:22 PM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | वैधृति | तक 12:22 PM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | बालव | तक 08:59 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:34 AM |
| सूर्यास्त | 06:50 PM |
| चन्द्रोदय | 11:15 AM |
| चन्द्रास्त | 10:01 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | सिंह |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:58 AM – 05:46 AM |
| अमृत काल | 08:20 AM – 10:05 AM |
| राहु काल | 12:42 PM – 02:14 PM |
| गुलिक काल | 11:10 AM – 12:42 PM |
| यमगण्ड | 08:06 AM – 09:38 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:17 PM – 01:06 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 09:50 AM – 10:39 AM |
| लाभ | 06:34 AM – 08:06 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:06 AM – 09:38 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:38 AM – 11:10 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:10 AM – 12:42 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:42 PM – 02:14 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:14 PM – 03:46 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:46 PM – 05:18 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:18 PM – 06:50 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 06:50 PM – 08:18 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 08:18 PM – 09:46 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 09:46 PM – 11:14 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 11:14 PM – 12:42 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 12:42 AM – 02:10 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 02:10 AM – 03:38 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 03:38 AM – 05:06 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 05:06 AM – 06:34 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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