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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2026-09-25

राजकोट पंचांग — 25 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्दशीतक 11:07 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 4तक 11:22 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशूलतक 02:51 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 11:17 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:36 AM
सूर्यास्त06:41 PM
चन्द्रोदय05:52 PM
चन्द्रास्त05:04 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:14 PM – 01:02 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:00 AM – 05:48 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:07 AM – 12:38 PM
गुलिक काल08:06 AM – 09:37 AM
यमगण्ड03:39 PM – 05:10 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:26 AM – 12:14 PM
दुर्मुहूर्त02:39 PM – 03:27 PM

दिन चौघड़िया

चर06:36 AM – 08:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:06 AM – 09:37 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:37 AM – 11:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:07 AM – 12:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:38 PM – 02:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 PM – 03:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:39 PM – 05:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:10 PM – 06:41 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:41 PM – 08:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:10 PM – 09:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:39 PM – 11:09 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:09 PM – 12:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:38 AM – 02:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:07 AM – 03:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:37 AM – 05:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:06 AM – 06:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle