VedicSpace › पंचांग › राजकोट › 2026-10-19
शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष अष्टमी | तक 10:52 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | उत्तराषाढ़ा · पाद 3 | तक 03:38 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | धृति | तक 12:35 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 10:52 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:44 AM |
| सूर्यास्त | 06:19 PM |
| चन्द्रोदय | 02:02 PM |
| चन्द्रास्त | 12:09 AM |
| चन्द्र राशि | मकर |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:08 AM – 05:56 AM |
| अमृत काल | 09:15 AM – 11:02 AM |
| राहु काल | 08:10 AM – 09:37 AM |
| गुलिक काल | 01:58 PM – 03:25 PM |
| यमगण्ड | 11:04 AM – 12:31 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 PM – 12:54 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:13 PM – 04:00 PM |
| अमृत | 06:44 AM – 08:10 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:10 AM – 09:37 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:37 AM – 11:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:04 AM – 12:31 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:31 PM – 01:58 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:58 PM – 03:25 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:25 PM – 04:52 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:52 PM – 06:19 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:19 PM – 07:52 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:52 PM – 09:25 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:25 PM – 10:58 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:58 PM – 12:31 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:31 AM – 02:04 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:04 AM – 03:37 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:37 AM – 05:10 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:10 AM – 06:44 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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