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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2026-10-24

राजकोट पंचांग — 24 अक्टूबर 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 01:37 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 2तक 08:32 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्याघाततक 08:01 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 01:37 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:47 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय04:56 PM
चन्द्रास्त04:41 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:08 PM – 12:53 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:11 AM – 05:59 AM
अमृत काल04:39 PM – 06:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:39 AM – 11:05 AM
गुलिक काल06:47 AM – 08:13 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:23 PM
वर्ज्यम्07:18 AM – 08:52 AM
दुर्मुहूर्त09:50 AM – 10:36 AM
दुर्मुहूर्त02:25 PM – 03:11 PM

दिन चौघड़िया

काल06:47 AM – 08:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:13 AM – 09:39 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:39 AM – 11:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:05 AM – 12:31 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:31 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:23 PM – 04:49 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:49 PM – 06:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:15 PM – 07:49 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:49 PM – 09:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:23 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:31 AM – 02:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:05 AM – 03:39 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:39 AM – 05:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:13 AM – 06:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle