VedicSpace › पंचांग › राजकोट › 2026-12-07
कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, विशाखा नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)
दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष चतुर्दशी | तक 04:13 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 3 | तक 03:48 PM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | अतिगण्ड | तक 07:46 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | विष्टि (भद्रा) | तक 03:15 PM | भद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु। |
| सूर्योदय | 07:13 AM |
| सूर्यास्त | 06:03 PM |
| चन्द्रोदय | 05:43 AM |
| चन्द्रास्त | 04:32 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | वृश्चिक |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:37 AM – 06:25 AM |
| अमृत काल | 07:23 AM – 09:08 AM |
| राहु काल | 08:34 AM – 09:55 AM |
| गुलिक काल | 01:59 PM – 03:20 PM |
| यमगण्ड | 11:16 AM – 12:38 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:16 PM – 12:59 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:09 PM – 03:53 PM |
| अमृत | 07:13 AM – 08:34 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:34 AM – 09:55 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:55 AM – 11:16 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:16 AM – 12:38 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:38 PM – 01:59 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 01:59 PM – 03:20 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:20 PM – 04:41 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:41 PM – 06:03 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:03 PM – 07:41 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:41 PM – 09:20 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:20 PM – 10:59 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 10:59 PM – 12:38 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:38 AM – 02:16 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:16 AM – 03:55 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:55 AM – 05:34 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:34 AM – 07:13 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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