VedicSpace › पंचांग › राजकोट › 2026-12-21
शुक्ल पक्ष द्वादशी तिथि, भरणी नक्षत्र · सोमवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:21 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष द्वादशी | तक 05:36 PM | भद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | भरणी · पाद 3 | तक 01:09 PM | उग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | सिद्ध | तक 01:32 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | बव | तक 07:00 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:21 AM |
| सूर्यास्त | 06:08 PM |
| चन्द्रोदय | 03:25 PM |
| चन्द्रास्त | 04:06 AM |
| चन्द्र राशि | मेष |
| सूर्य राशि | धनु |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · हेमन्त |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:45 AM – 06:33 AM |
| अमृत काल | 10:06 AM – 11:34 AM |
| राहु काल | 08:41 AM – 10:02 AM |
| गुलिक काल | 02:05 PM – 03:26 PM |
| यमगण्ड | 11:23 AM – 12:44 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 12:22 PM – 01:06 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:15 PM – 03:58 PM |
| अमृत | 07:21 AM – 08:41 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:41 AM – 10:02 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:02 AM – 11:23 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:23 AM – 12:44 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:44 PM – 02:05 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:05 PM – 03:26 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:26 PM – 04:47 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 04:47 PM – 06:08 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:08 PM – 07:47 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 07:47 PM – 09:26 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:26 PM – 11:05 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:05 PM – 12:44 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:44 AM – 02:23 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:23 AM – 04:02 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:02 AM – 05:41 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:41 AM – 07:21 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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