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VedicSpaceपंचांगराजकोट › 2027-01-08

राजकोट पंचांग — 8 जनवरी 2027

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र · शुक्रवार · गुजरात (22.3039°, 70.8022°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना राजकोट (22.3039°, 70.8022°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 04:34 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा · पाद 4तक 09:13 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगव्याघाततक 03:22 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकिंस्तुघ्नतक 03:14 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:28 AM
सूर्यास्त06:19 PM
चन्द्रोदय07:54 AM
चन्द्रास्त06:42 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:31 PM – 01:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:52 AM – 06:40 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:32 AM – 12:53 PM
गुलिक काल08:49 AM – 10:10 AM
यमगण्ड03:36 PM – 04:57 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:48 AM – 12:31 PM
दुर्मुहूर्त02:42 PM – 03:25 PM

दिन चौघड़िया

चर07:28 AM – 08:49 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:49 AM – 10:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:10 AM – 11:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:32 AM – 12:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:53 PM – 02:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:14 PM – 03:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:36 PM – 04:57 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:57 PM – 06:19 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग06:19 PM – 07:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:57 PM – 09:36 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:36 PM – 11:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:14 PM – 12:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:53 AM – 02:32 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:32 AM – 04:10 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:10 AM – 05:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:49 AM – 07:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle