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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-07-23

रांची पंचांग — 23 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, विशाखा नक्षत्र · गुरुवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 07:03 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रविशाखा · पाद 2तक 01:42 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगशुभतक 07:20 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:03 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:15 AM
सूर्यास्त06:36 PM
चन्द्रोदय01:42 PM
चन्द्रास्त12:26 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:39 AM – 04:27 AM
अमृत काल03:10 PM – 04:57 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:35 PM – 03:15 PM
गुलिक काल08:35 AM – 10:15 AM
यमगण्ड05:15 AM – 06:55 AM
वर्ज्यम्04:29 AM – 06:16 AM
दुर्मुहूर्त01:15 PM – 02:09 PM
दुर्मुहूर्त04:49 PM – 05:42 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:15 AM – 06:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:55 AM – 08:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:35 AM – 10:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:15 AM – 11:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:55 AM – 01:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:35 PM – 03:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:15 PM – 04:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:55 PM – 06:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:36 PM – 07:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:55 PM – 09:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:15 PM – 10:35 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:35 PM – 11:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:55 PM – 01:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:15 AM – 02:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:35 AM – 03:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:55 AM – 05:15 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle