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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-09-01

रांची पंचांग — 1 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्थी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:31 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थीतक 07:42 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 1तक 02:42 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवृद्धितक 11:38 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 07:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:31 AM
सूर्यास्त06:07 PM
चन्द्रोदय08:40 PM
चन्द्रास्त09:04 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:23 AM – 12:14 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:55 AM – 04:43 AM
अमृत काल07:14 PM – 08:47 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:58 PM – 04:32 PM
गुलिक काल11:49 AM – 01:23 PM
यमगण्ड08:40 AM – 10:14 AM
वर्ज्यम्10:20 PM – 11:53 PM
दुर्मुहूर्त10:33 AM – 11:23 AM
दुर्मुहूर्त01:55 PM – 02:45 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:31 AM – 07:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:05 AM – 08:40 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:40 AM – 10:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:14 AM – 11:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:49 AM – 01:23 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:23 PM – 02:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:58 PM – 04:32 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:32 PM – 06:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल06:07 PM – 07:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:32 PM – 08:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:58 PM – 10:23 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:23 PM – 11:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:49 PM – 01:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:14 AM – 02:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:40 AM – 04:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:05 AM – 05:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle