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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-09-13

रांची पंचांग — 13 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि, हस्त नक्षत्र · रविवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:34 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष द्वितीयातक 07:08 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रहस्त · पाद 3तक 01:07 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगशुक्लतक 01:43 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 07:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:34 AM
सूर्यास्त05:55 PM
चन्द्रोदय07:28 AM
चन्द्रास्त07:04 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:19 AM – 12:09 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:58 AM – 04:46 AM
अमृत काल06:35 AM – 08:12 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:22 PM – 05:55 PM
गुलिक काल02:49 PM – 04:22 PM
यमगण्ड11:44 AM – 01:17 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:16 PM – 05:05 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:34 AM – 07:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:06 AM – 08:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:39 AM – 10:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:11 AM – 11:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:44 AM – 01:17 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:17 PM – 02:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:49 PM – 04:22 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:22 PM – 05:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:55 PM – 07:22 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:22 PM – 08:49 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:49 PM – 10:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:17 PM – 11:44 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:44 PM – 01:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:11 AM – 02:39 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 AM – 04:06 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:06 AM – 05:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle