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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-09-17

रांची पंचांग — 17 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · गुरुवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 10:48 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 2तक 07:53 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगविष्कुम्भतक 12:49 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 10:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:36 AM
सूर्यास्त05:51 PM
चन्द्रोदय11:13 AM
चन्द्रास्त09:44 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:19 AM – 12:08 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:00 AM – 04:48 AM
अमृत काल05:18 AM – 07:57 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:15 PM – 02:47 PM
गुलिक काल08:39 AM – 10:11 AM
यमगण्ड05:36 AM – 07:07 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:57 PM – 01:46 PM
दुर्मुहूर्त04:13 PM – 05:02 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:36 AM – 07:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:07 AM – 08:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:39 AM – 10:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:11 AM – 11:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:43 AM – 01:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:15 PM – 02:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:47 PM – 04:19 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:19 PM – 05:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:51 PM – 07:19 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:19 PM – 08:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:47 PM – 10:15 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:15 PM – 11:43 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:43 PM – 01:11 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:11 AM – 02:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:39 AM – 04:07 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:07 AM – 05:36 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle