VedicSpace › पंचांग › रांची › 2026-10-28
कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · बुधवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:52 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | कृष्ण पक्ष तृतीया | तक 01:07 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | बुधवार | — | व्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा। |
| नक्षत्र | कृत्तिका · पाद 3 | तक 01:26 PM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | व्यतीपात | तक 07:18 AM | महापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 02:37 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:52 AM |
| सूर्यास्त | 05:13 PM |
| चन्द्रोदय | 06:56 PM |
| चन्द्रास्त | 07:55 AM |
| चन्द्र राशि | वृषभ |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:16 AM – 05:04 AM |
| अमृत काल | 11:07 AM – 12:34 PM |
| राहु काल | 11:32 AM – 12:57 PM |
| गुलिक काल | 10:07 AM – 11:32 AM |
| यमगण्ड | 07:17 AM – 08:42 AM |
| वर्ज्यम् | — |
| अभिजित मुहूर्त | 11:09 AM – 11:55 AM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 08:53 AM – 09:39 AM |
| लाभ | 05:52 AM – 07:17 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:17 AM – 08:42 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:42 AM – 10:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 10:07 AM – 11:32 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:32 AM – 12:57 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:57 PM – 02:22 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:22 PM – 03:47 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:47 PM – 05:13 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| उद्वेग | 05:13 PM – 06:47 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 06:47 PM – 08:22 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:22 PM – 09:57 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:57 PM – 11:32 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:32 PM – 01:07 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 01:07 AM – 02:42 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:42 AM – 04:17 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 04:17 AM – 05:52 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
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