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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-11-15

रांची पंचांग — 15 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · रविवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष षष्ठीतक 02:01 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 2तक 11:29 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगशूलतक 06:22 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 12:44 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:02 AM
सूर्यास्त05:04 PM
चन्द्रोदय11:00 AM
चन्द्रास्त09:52 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:10 AM – 11:55 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:26 AM – 05:14 AM
अमृत काल04:18 PM – 06:06 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:41 PM – 05:04 PM
गुलिक काल02:18 PM – 03:41 PM
यमगण्ड11:33 AM – 12:55 PM
वर्ज्यम्05:29 AM – 07:17 AM
दुर्मुहूर्त03:35 PM – 04:19 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:02 AM – 07:24 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:24 AM – 08:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:47 AM – 10:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:10 AM – 11:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:33 AM – 12:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:55 PM – 02:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:18 PM – 03:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:41 PM – 05:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:04 PM – 06:41 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:41 PM – 08:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:18 PM – 09:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:55 PM – 11:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:33 PM – 01:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:10 AM – 02:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:47 AM – 04:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:24 AM – 06:02 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle