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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-11-20

रांची पंचांग — 20 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:06 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 07:16 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 06:56 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 06:40 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 07:16 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:06 AM
सूर्यास्त05:03 PM
चन्द्रोदय01:50 PM
चन्द्रास्त01:25 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:12 AM – 11:56 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:30 AM – 05:18 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:12 AM – 11:34 AM
गुलिक काल07:28 AM – 08:50 AM
यमगण्ड02:18 PM – 03:40 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:28 AM – 11:12 AM
दुर्मुहूर्त01:24 PM – 02:07 PM

दिन चौघड़िया

चर06:06 AM – 07:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:28 AM – 08:50 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:50 AM – 10:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:12 AM – 11:34 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:34 AM – 12:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:56 PM – 02:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:18 PM – 03:40 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:40 PM – 05:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:03 PM – 06:40 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:40 PM – 08:18 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:18 PM – 09:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:56 PM – 11:34 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:34 PM – 01:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:12 AM – 02:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:50 AM – 04:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:28 AM – 06:06 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle