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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-12-04

रांची पंचांग — 4 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, हस्त नक्षत्र · शुक्रवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 11:45 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रहस्त · पाद 4तक 10:23 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगआयुष्मान्तक 08:23 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 11:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:15 AM
सूर्यास्त05:02 PM
चन्द्रोदय02:00 AM
चन्द्रास्त01:37 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:16 AM – 12:00 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:39 AM – 05:27 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:17 AM – 11:38 AM
गुलिक काल07:35 AM – 08:56 AM
यमगण्ड02:20 PM – 03:41 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:33 AM – 11:16 AM
दुर्मुहूर्त01:26 PM – 02:09 PM

दिन चौघड़िया

चर06:15 AM – 07:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:35 AM – 08:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:56 AM – 10:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:17 AM – 11:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:38 AM – 12:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:59 PM – 02:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:20 PM – 03:41 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:41 PM – 05:02 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:02 PM – 06:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:41 PM – 08:20 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:20 PM – 09:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:59 PM – 11:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:38 PM – 01:17 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:17 AM – 02:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:56 AM – 04:35 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:35 AM – 06:15 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle