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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-12-18

रांची पंचांग — 18 दिसम्बर 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:24 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 11:14 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 3तक 04:10 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगव्यतीपाततक 12:19 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 11:27 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:24 AM
सूर्यास्त05:07 PM
चन्द्रोदय12:20 PM
चन्द्रास्त12:09 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:24 AM – 12:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:48 AM – 05:36 AM
अमृत काल11:41 AM – 01:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:25 AM – 11:45 AM
गुलिक काल07:44 AM – 09:04 AM
यमगण्ड02:26 PM – 03:46 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:41 AM – 11:24 AM
दुर्मुहूर्त01:32 PM – 02:15 PM

दिन चौघड़िया

चर06:24 AM – 07:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:44 AM – 09:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:04 AM – 10:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:25 AM – 11:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:45 AM – 01:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:05 PM – 02:26 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:26 PM – 03:46 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:46 PM – 05:07 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग05:07 PM – 06:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:46 PM – 08:26 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:26 PM – 10:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:05 PM – 11:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:45 PM – 01:25 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:25 AM – 03:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:04 AM – 04:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:44 AM – 06:24 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle