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VedicSpaceपंचांगरांची › 2026-12-28

रांची पंचांग — 28 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, मघा नक्षत्र · सोमवार · झारखंड (23.3441°, 85.3096°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना रांची (23.3441°, 85.3096°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 02:58 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 04:33 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगप्रीतितक 05:55 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:58 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त05:12 PM
चन्द्रोदय10:00 PM
चन्द्रास्त09:54 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल02:46 PM – 04:17 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:49 AM – 09:09 AM
गुलिक काल01:10 PM – 02:31 PM
यमगण्ड10:30 AM – 11:50 AM
वर्ज्यम्05:42 AM – 07:13 AM
अभिजित मुहूर्त11:29 AM – 12:11 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त02:20 PM – 03:03 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:29 AM – 07:49 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:49 AM – 09:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:09 AM – 10:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:30 AM – 11:50 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:50 AM – 01:10 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:10 PM – 02:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:31 PM – 03:51 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:51 PM – 05:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर05:12 PM – 06:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:51 PM – 08:31 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:31 PM – 10:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:10 PM – 11:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:50 PM – 01:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:30 AM – 03:09 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:09 AM – 04:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:49 AM – 06:29 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle