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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2025-11-09

ऋषिकेश पंचांग — 9 नवम्बर 2025

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:37 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 01:55 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 2तक 08:04 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 03:02 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 03:05 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:37 AM
सूर्यास्त05:24 PM
चन्द्रोदय09:04 PM
चन्द्रास्त10:47 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:38 AM – 12:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:01 AM – 05:49 AM
अमृत काल11:28 AM – 12:56 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:03 PM – 05:24 PM
गुलिक काल02:42 PM – 04:03 PM
यमगण्ड12:00 PM – 01:21 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त03:57 PM – 04:40 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:37 AM – 07:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:57 AM – 09:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:18 AM – 10:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:39 AM – 12:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:00 PM – 01:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:21 PM – 02:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:42 PM – 04:03 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:03 PM – 05:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:24 PM – 07:03 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:03 PM – 08:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:42 PM – 10:21 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:21 PM – 12:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:00 AM – 01:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:39 AM – 03:18 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:18 AM – 04:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:57 AM – 06:37 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle