VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2025-12-20

ऋषिकेश पंचांग — 20 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 07:13 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमूल · पाद 2तक 01:21 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 04:17 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणनागतक 07:13 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:08 AM
सूर्यास्त05:21 PM
चन्द्रोदय07:32 AM
चन्द्रास्त05:18 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:54 AM – 12:34 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:32 AM – 06:20 AM
अमृत काल07:26 PM – 09:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:41 AM – 10:57 AM
गुलिक काल07:08 AM – 08:24 AM
यमगण्ड01:31 PM – 02:47 PM
वर्ज्यम्08:50 AM – 10:36 AM
दुर्मुहूर्त09:51 AM – 10:32 AM
दुर्मुहूर्त01:56 PM – 02:37 PM

दिन चौघड़िया

काल07:08 AM – 08:24 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:24 AM – 09:41 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:41 AM – 10:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:57 AM – 12:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:14 PM – 01:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:31 PM – 02:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:47 PM – 04:04 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:04 PM – 05:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:21 PM – 07:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:04 PM – 08:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:47 PM – 10:31 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 PM – 12:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:14 AM – 01:57 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:57 AM – 03:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:41 AM – 05:24 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:24 AM – 07:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle