VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-05-10

ऋषिकेश पंचांग — 10 मई 2026

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · रविवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 03:07 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 12:50 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगब्रह्मतक 02:09 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 03:07 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त07:00 PM
चन्द्रोदय01:17 AM
चन्द्रास्त12:13 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:40 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल01:18 PM – 02:59 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:18 PM – 07:00 PM
गुलिक काल03:36 PM – 05:18 PM
यमगण्ड12:13 PM – 01:55 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:11 PM – 06:05 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:27 AM – 07:08 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:08 AM – 08:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:50 AM – 10:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:31 AM – 12:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:13 PM – 01:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:55 PM – 03:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:36 PM – 05:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:18 PM – 07:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:00 PM – 08:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:18 PM – 09:36 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:36 PM – 10:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:55 PM – 12:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:13 AM – 01:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:31 AM – 02:50 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:50 AM – 04:08 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:08 AM – 05:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle