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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-05-23

ऋषिकेश पंचांग — 23 मई 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, मघा नक्षत्र · शनिवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 04:27 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 02:09 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगध्रुवतक 06:13 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:40 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:19 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चन्द्रोदय11:58 AM
चन्द्रास्त12:29 AM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:46 AM – 12:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:43 AM – 04:31 AM
अमृत काल11:03 PM – 12:40 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:46 AM – 10:30 AM
गुलिक काल05:19 AM – 07:02 AM
यमगण्ड01:57 PM – 03:41 PM
वर्ज्यम्01:26 PM – 03:02 PM
दुर्मुहूर्त09:00 AM – 09:55 AM
दुर्मुहूर्त02:32 PM – 03:27 PM

दिन चौघड़िया

काल05:19 AM – 07:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:02 AM – 08:46 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:46 AM – 10:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:30 AM – 12:14 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:14 PM – 01:57 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:57 PM – 03:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:41 PM – 05:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:25 PM – 07:09 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:09 PM – 08:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:25 PM – 09:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:41 PM – 10:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:57 PM – 12:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:14 AM – 01:30 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:30 AM – 02:46 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:46 AM – 04:02 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:02 AM – 05:19 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle