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VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-06-10

ऋषिकेश पंचांग — 10 जून 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · बुधवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 12:58 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 4तक 09:21 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगआयुष्मान्तक 06:30 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 01:52 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:15 AM
सूर्यास्त07:18 PM
चन्द्रोदय01:16 AM
चन्द्रास्त02:02 PM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:39 AM – 04:27 AM
अमृत काल03:56 AM – 05:29 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:16 PM – 02:01 PM
गुलिक काल10:31 AM – 12:16 PM
यमगण्ड07:00 AM – 08:45 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:48 AM – 12:44 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:59 AM – 09:56 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:15 AM – 07:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:00 AM – 08:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:45 AM – 10:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:31 AM – 12:16 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:16 PM – 02:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:01 PM – 03:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:47 PM – 05:32 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:32 PM – 07:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:18 PM – 08:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:32 PM – 09:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:47 PM – 11:01 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:01 PM – 12:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:16 AM – 01:31 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:31 AM – 02:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:45 AM – 04:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:00 AM – 05:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle