VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-07-21

ऋषिकेश पंचांग — 21 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 05:17 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रचित्रा · पाद 2तक 08:49 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसिद्धतक 06:25 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 04:35 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:29 AM
सूर्यास्त07:18 PM
चन्द्रोदय12:31 PM
चन्द्रास्त11:28 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:51 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:53 AM – 04:41 AM
अमृत काल01:25 PM – 03:08 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल03:50 PM – 05:34 PM
गुलिक काल12:23 PM – 02:07 PM
यमगण्ड08:56 AM – 10:39 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:00 AM – 11:55 AM
दुर्मुहूर्त02:41 PM – 03:36 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:29 AM – 07:12 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:12 AM – 08:56 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:56 AM – 10:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:39 AM – 12:23 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:23 PM – 02:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:07 PM – 03:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:50 PM – 05:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:34 PM – 07:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:18 PM – 08:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:34 PM – 09:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:50 PM – 11:07 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:07 PM – 12:23 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:23 AM – 01:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:39 AM – 02:56 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:56 AM – 04:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:12 AM – 05:29 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle