VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगऋषिकेश › 2026-09-27

ऋषिकेश पंचांग — 27 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · रविवार · उत्तराखंड (30.0869°, 78.2676°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना ऋषिकेश (30.0869°, 78.2676°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:08 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष प्रतिपदातक 08:59 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 4तक 11:08 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवृद्धितक 11:17 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 09:42 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:08 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय06:24 PM
चन्द्रास्त06:29 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:44 AM – 12:32 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:32 AM – 05:20 AM
अमृत काल06:35 AM – 08:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:38 PM – 06:08 PM
गुलिक काल03:08 PM – 04:38 PM
यमगण्ड12:08 PM – 01:38 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:32 PM – 05:20 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:08 AM – 07:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:38 AM – 09:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:08 AM – 10:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:38 AM – 12:08 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:08 PM – 01:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:38 PM – 03:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:08 PM – 04:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:38 PM – 06:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ06:08 PM – 07:38 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:38 PM – 09:08 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:08 PM – 10:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:38 PM – 12:08 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:08 AM – 01:38 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:38 AM – 03:08 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:08 AM – 04:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:38 AM – 06:08 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle